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दो मित्र थे।

दो मित्र थे।
 उन दोनो की आपस मेँ सगे भाई जैसी बनती थी।
 दोनो एक दुसरे के साथ ही खाली समय मेँ रहते थे।
 औफिस टाईम मेँ भी फेसबुक पे एक दुसरेके वाल पे नोक-झोंक मजाक करते रहते थे।
 किसी कारण दोनो मेँमनमुटाव हुआ।
 और दोस्ती टूट गई।
 फेसबुक पे भी एक ने दुसरे को ब्लॉक कर दिया।
 दो हफ्ते बाद एक दोस्त को दूसरे की काफी याद आई।
 उसने उसे फोन मिलाया।
 पर फोन नहीँ उठा।
 अगले दिन वो उसके घर गया,
 पर पता चला की दुसरा दोस्त हॉस्पीटल मेँ है।
 वो हॉस्पीटल गया।
 दोनो दोस्त गले लग कर खूब रोये।
 पता चला की बिमार दोस्त की जिंदगी अबगंभीर बिमारी से कूछ दिन की ही बची है।
 बिमार दोस्त ने उससे कहा-ः
 मेरे मरने के बाद भी फेसबुक पे तुम मेरे वाल पे 'मिस यू'रोज लिखना।
 वादा करके दोस्त अपने घर आया,
 फेसबुक पे अनब्लॉक करके बिमार दोस्त को दुबारा रिक्वेस्ट भेजा।
 पर बिमार दोस्त 'आईसीयू' मेँ था,फेसबूक पे रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीँ कर सकता था।
 सुबह पता चला की बिमार दोस्त दुनिया छोड़ गया।
 उसके बाद कभी भी वो मित्र अपने बिमार दोस्त की आई डी देखता है तो 'मिस यू'लिखने के लिये तड़प जाता है।
 नोट-ःजिन्दगी का कोई भरोसा नहीँ।
 बिंदास जीये,कभी दोस्ती मेँ मनमुटाव ना आने दे।
 समय की डोर पछताने का मौका तक नहीँ देती